MP की बेटियों का सच! लाडली योजना के बाद भी सिर्फ 30% पहुंचीं 12वीं तक

सत्येन्द्र सिंह ठाकुर
सत्येन्द्र सिंह ठाकुर

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने राज्य में बेटियों की शिक्षा को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि लाडली लक्ष्मी योजना पर हर साल हजारों करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद एमपी में सिर्फ 30% बेटियां ही कक्षा 12वीं तक पहुंच पा रही हैं—जो बेहद चिंताजनक आंकड़ा है।

कमलनाथ के मुताबिक यह साफ इशारा है कि योजना का वास्तविक लाभ बेटियों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

“लाडली योजना का फायदा पोस्टरों को मिला, बेटियों को नहीं” – कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस योजना को अपनी बड़ी उपलब्धि बताकर प्रचार करती रही है, लेकिन जमीनी आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं।

उनका आरोप— “योजना का फोकस बेटियों को पढ़ाना नहीं, बल्कि वोट बैंक तैयार करना था। करोड़ों के रजिस्ट्रेशन, भारी-भरकम बजट और बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बाद भी बेटियों की शिक्षा वहीं की वहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सिर्फ प्रचार किया, लेकिन स्कूलों की गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी, सुरक्षा, जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया।

“सरकार चुनावी मोड में रहती है, बेटियों को नागरिक नहीं, वोट बैंक की तरह देखती है”

कमलनाथ ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार अपनी छवि चमकाने में करोड़ों खर्च कर रही है, जबकि बेटियों को असल ज़रूरत—अच्छी शिक्षा,
सुरक्षित माहौल, वास्तविक अवसर और मजबूत भविष्य— है, न कि सिर्फ घोषणाओं की।

उन्होंने कहा, सरकार का काम चुनाव जीतना नहीं, जनता की सेवा करना है।

“यदि सरकार सच में संवेदनशील होती, तो स्कूल सुधारती, शिक्षकों की कमी दूर करती”

कमलनाथ का कहना था कि बेटियों की तस्वीरें विज्ञापनों और पोस्टरों में खूब इस्तेमाल की गईं, लेकिन जमीन पर ठोस काम नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार पहले शिक्षा व्यवस्था मजबूत करती, तो बेटियों की स्थिति आज इतनी बुरी न होती।

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